‘‘चोर की दाढ़ी में तिनका ‘‘

Date posted: January 20, 2018    5:51 PM

विधानसभा चुनाव में अर्श से फर्श पर आई समाजवादी पार्टी को लगा कि योगी सरकार को बदनाम करने के लिए कुछ नया गुल खिलाया जाये। परिवारवाद पर भ्रष्टाचार पर तो सरकार का बाल बांका नहीं किया जा सकता। तब ऐसा क्या किया जाए कि सांप भी मर जाए लाठी भी न टूटे। विनाश काले विपरीत बुद्धि। चले थे हरि भजन को ओटन लगे कपास, सर मंुडाते ही ओले पडे। प्लान बनाकर सरकार को बदनाम करने की, किसान विरोधी बताने की कोशिश की गई। कोल्ड स्टोर से आलू खरीदा गया, वाहनों पर लादा गया और लखनऊ में लाकर सड़कों पर रात के अंधेरे में डाल दिया। सुबह होते ही हल्ला मचाने लगे कि किसानों ने परेशान होकर अपना आलू सड़को पर डाल रोष प्रकट किया है।

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ये चुप्पी भी चुगली कर रही है..

Date posted: January 15, 2018    12:33 PM

लखनऊ:  भाजपा नेता कुमार अशोक पांडेय

जलियांवाला बाग हत्याकांड के समय पंजाब के गवर्नर जनरल रहे Michael O’Dwyer को लंदन जाकर गोली मारने वाले शहीद सरदार उधम सिंह के पोते ने कर्ज़ से परेशान होकर पंजाब में आत्महत्या कर ली।
अब चूंकि पंजाब कांग्रेस शासित राज्य है इसलिये मीडिया और राहुल गांधी चुप। इसके बारे में और पढ़े..

4 न्यायाधीश भारत के संविधान या राष्ट्र के प्रति न होकर कांग्रेस के गांधी परिवार के प्रति है: पांडेय

Date posted: January 13, 2018    1:25 PM

कुमार अशोक पांडेय, भाजपा नेता, लखनऊ

जो बात भारत की जनता को पहले मालूम थी वह आज खुद सर्वोच्च न्यायलय के 4 न्यायाधीशों ने बंगले में बैठ कर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके और भी स्पष्ट कर दिया है। यह घटना भारतीय न्यायिक व संवैधानिक इतिहास का एक ऐसा बदनुमा दाग है जो कभी भी न्यायाधीशों के कपाल से मिटने वाला नही है। जिन 4 न्यायधीशों ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ विद्रोह किया है उनके नाम है जस्टिस जे चेलमेस्वर जस्टिस कुरियन जोसफ, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस मैदान लोकुर। इसके बारे में और पढ़े..

निकाय चुनाव में बड़ी जीत ही पार्टी के दामन को बचा सकती है: अभय सिंह

Date posted: October 28, 2017    6:51 PM

कहीं प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिष्ठा तो कहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह की नाक का सवाल बने निकाय चुनाव उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की 2019 के लिए नई दिशा तय करेगी। प्रदेश में चाहे बसपा की सरकार रही हो या समाजवादी पार्टी की सरकार निगमों पर कब्जा हमेशा भारतीय जनता पार्टी का ही रहा है। प्रदेश में निवर्तमान 12 नगर निगमों में 11 नगर निगम पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा, इससे पूर्व के चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी 12 में से 10 नगर निगम में सत्तासीन थी। इस बार प्रदेश के निकाय चुनाव में नगर निगमों की संख्या कुल 16 हो गई है, 4 नए बने निगमों में अयोध्या और फैजाबाद को मिलाकर फैजाबाद नगर निगम, मथुरा और वृंदावन को मिलाकर मथुरा नगर निगम, फिरोजाबाद एवं सहारनपुर नगर निगम शामिल है। भारतीय जनता पार्टी के लिए निगम की इन 16 सीटों में जीत हासिल करना कितना महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठापरक इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।

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जस्टिस चमलेश्वर को अपनों का पत्ता कटता नजर आ रहा है। इसीलिए वो मीडिया में आकर लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं : अशोक पांडेय

Date posted: January 12, 2018    11:55 PM

कुमार अशोक पांडेय, भाजपा नेता, लखनऊ

लखनऊ:  जस्टिस चमलेश्वर और CJI मिश्रा के बीच की प्रतिद्वंदता हर कोर्ट का जानकार रखता है। आज जो टशन बाहर आई उसका आधार वो 46 मेडिकल कॉलेज थे जिनको फर्जी तरीके से मान्यता दी गयी और इस माममें में सुप्रीम कोर्ट के कुछ जस्टिस की दखलंदाजी भी मानी जाती है। बाकायदा उड़ीसा के एक पूर्व जज को भी गिरफ्तार कर दिया गया था। इसके बारे में और पढ़े..

महात्मा गाॅधी – दहेजप्रथा और बाल विवाह

Date posted: October 3, 2017    12:37 PM

महात्मा गांधी को (महात्मा) उनके महान कार्यो और महानता के लिए कहा जाता है जो की उन्होंने जीवन भर किया। गांधीजी का पूरा जीवन ही अहिंसात्मक तरीके से सत्य के प्रयोगों की प्रयोगशाला रहा है। गांधी का सत्याग्रह कोई आसान काम नहीं है न ही कमजोर दिल वालों का काम है। सत्याग्रह केवल बहुत ही साहसी व बहादुर लोग ही कर सकते हैं। गांधीजी ने अपने सत्याग्रह की परिभाषा कुछ इसी तरह से दी थी कि सत्याग्रह, सत्य का आग्रह है। यदि आपको लगता है कि आप सत्य की तरफ हैं, तो जीवन की परवाह किए बिना भी सत्य की रक्षा कीजिए और यदि सत्य के पक्ष में रहने से आपको मृत्यु भी प्राप्त होती है, तब भी अपनी अन्तिम सांस तक सत्य के पक्ष में खडा रहना ही सत्याग्रह है। जबकि उस सत्य का आग्रह करते समय किसी भी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए।

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शिव ‘‘राम‘‘ नाम के दाता

Date posted: September 24, 2017    12:53 PM

श्री रामचरितमानस के रचयिता पूज्य गुरुदेव भगवान गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने राम कथा व राम नाम महिमा, रहस्य, महत्व और उसके प्रभाव के बारे में ग्रंथ में बेमिसाल उदाहरण प्रस्तुत कर इस पर प्रकाश डाला। गुरुदेव लिखते हैं रामचरितमानस लिखने से पूर्व उन्होंने 82 वर्षों तक वेद पुराण शास्त्र आदि ग्रंथों को पढा समझा तथा अपनी सिद्धियों से भी बहुत कुछ अर्जित किया। 2 वर्ष 7 महीने 26 दिन में यह रामचरित मानस पूरा हुआ।  बाबा लिखते हैं रचि महेश निज मानस राखा शुभ अवसर पाई सिवा सन भाषा। पुनि काकभुशंडि को दीना रामभक्त अधिकारी चीना। तेहि याज्ञवल्म को सुनावा याज्ञवल्म फिर भारद्वाज मुनिश्रेष्ठ गावा अर्थात रामचरितमानस के चार घाट हैं। पहला भगवान शिव ने मां पार्वती को सुनाया फिर भोले बाबा ने रामभक्त व अधिकारी जानकर काकभूसण्डी को दिया। काकभूसण्डी ने याज्ञवल्म को दिया याज्ञवल्क्य ने भारद्वाज ऋषि को दिया।

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‘‘अजानबाहू है मोदी जी‘‘

Date posted: September 20, 2017    6:32 PM

हाथ से किया हुआ दान और मुख से लिया प्रभु श्री राम का नाम कभी व्यर्थ नहीं जाता। हाथ होते हैं सेवा के लिए यदि देश सेवा में हाथ लगे तो वह कल्याणकारी प्रभावी वह प्रेरणादायक साबित होते हैं। लंबे हाथों की लंबी पकड़ होती है और वह अजानबाहू कहलाते हैं। अजानबाहू को बहुत-बहुत शुभ माना जाता है। भारत की मनीषा जब अपनी इस बात को प्रमाणित कर विश्व को संपूर्ण चराचर को समझा रही थी तब हमको लगता था यह एक शारीरिक बनावट तक है यानी हमारे यहां अजानबाहू उसको कहते हैं जिसके हाथ इतने लंबे हो कि वह घुटनों के नीचे तक जाते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम मानव अवतार में अजानबाहू कृष्ण कन्हैया अजानबाहू बाबा भीष्म व अश्वोत्थामा भी-घुटनों से लंबी भुजा वाले थे। महात्मा गांधी की भुजाएं लम्बी थी। प्राकृतिक रूप से यह दुर्लभ शरीर बिरलो को नसीब होता है संसार में हिंदू मुस्लिम हो इसाई हो कोई भी अजानबाहू हो बहुत शुभ होता है।

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भीमा कोरेगांव की घटना: एक विश्लेषण

Date posted: January 6, 2018    3:56 PM

कुमार अशोक पांडेय (भाजपा नेता, लखनऊ)

पुणे के समीप भीमा कोरेगांव में एक स्मारक बना हुआ है। कहते है कि आज से 200 वर्ष पहले इसी स्थान पर बाजीराव पेशवा द्वितीय की फौज को अंग्रेजों की फौज ने हराया था। महाराष्ट्र में दलित कहलाने वाली महार जाति के सैनिकों ने अंग्रेजों की ओर से युद्ध में भाग लिया था। हम इस लेख में यह विश्लेषण करेंगे कि युद्ध का परिणाम क्या था और कौन इसका राजनीतिक लाभ उठा रहा हैं। इसके बारे में और पढ़े..

पाठशाला है राम नाईक

Date posted: September 9, 2017    2:07 PM

भारत में ही नहीं पूरे दुनिया में लोग प्रसाद पाते हैं खाते हैं। दुकान से घर से मिठाई ली और भगवान के मन्दिर में चढ़ा दी वह प्रसाद कहलाती है। प्रसाद का अर्थ क्या है, क्या लड्डू , पेड़ा आदि जो बाजार में अथवा घर में है वो मन्दिर में जाकर बदल गया नहीं वह लड्डू पेड़ा ही रहता है। फिर प्रसाद का मतलब क्या हुआ बहुतों से विनोद में पूछा भी कोई सही नहीं बता सका। श्रीराम चरित्र मानस में पूज्य गुरूदेव भगवन तुलसीदास जी ने लिखा – नाम प्रसाद षम्भू अविनाषी अर्थात राम नाम की कृपा से षिव अविनाषी है। प्रसाद का सही अर्थ है कृपा। भगवान को भोग लगाने से उनकी कृपा मिल जाती है। राज्यपाल राम नाईक के तीन वर्ष के कार्यकाल को उनकी जनसेवा की रूचि प्रीति को देखकर हम कह सकते हैं वह प्रसाद हैं अर्थात कृपा हैं। ऊँचा वही उठता है जो हल्का होता है। इसके बारे में और पढ़े..

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