यूपी में संक्रमण न बढ़े इसके लिए सभी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत: सहगल
Date posted: 14 December 2020

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री जी की कार्य योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 15 लाख से अधिक कोविड-19 के टेस्ट किये जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सर्विलांस के माध्यम से लगभग 15 करोड़ लोगों तक पहुच कर उनका हालचाल लेते हुए कोविड-19 संक्रमण की जानकारी भी ली गयी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में संक्रमण की दर में कमी आ रही है। प्रदेश में संक्रमण न बढ़े इसके लिए सभी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों से अनुरोध किया है कि वे सार्वजनिक स्थानों व कार्यक्रमों में जाने से परहेज करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कन्टेनमेंट जोन तथा हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में कमी आयी है। अब हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों की संख्या 7264 रह गयी है। उन्होंने बताया कि कोविड वैक्सीन के भण्डारण के साथ-साथ वैक्सीन लक्षित समूहों को लगाने के लिए तकनीकी लोगों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक वैक्सीन नहीं आती तब तक सभी लोग मास्क पहनें, हाथ साबुन-पानी से धोते रहें तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों से दो गज की दूरी बनाये रखें।
श्री सहगल ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों में और अधिक तेजी लाने के लिए सरकार कार्य कर रही है। कोविड-19 के समय में भी प्रदेश सरकार द्वारा विदेशी निवेश पर कार्य किया गया है। लगभग 47 हजार करोड़ रुपये के निवेशों के प्रस्ताव विदेशी कम्पनियों से सरकार को मिले हैं। कल मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश एसोसएिशन आॅफ नार्थ अमेरिका के सदस्यों से वार्ता की। विदेशों के उद्योगपति प्रदेश में निवेश कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन बनाने अपना सहयोग देना चाहते हैं। प्रदेश में औद्योगिक निवेश का माहौल बहुत अच्छा हुआ है। प्रदेश में उद्योग लगाने की ‘‘इज आॅफ डुइंग बिजनेश’’ सूची में देश में दूसरे स्थान पर है। रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए तथा आर्थिक गतिविधियां को और बढ़ाने के लिए सरकार के प्रोत्साहन से नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयां खुल रही है। पुरानी इकाइयों को कार्यशील, पूंजी की समस्या से निजात दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय करके आत्मनिर्भर पैकेज में 4.37 लाख इकाईयों को रू0 11,100 करोड़ के ऋण बैंकों से समन्वय स्थापित कर स्वीेकृत करते हुए वितरित किये जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार के और अवसर सृजित करने के लिए तथा अधिक से अधिक लोगों को रोजगारों में लगाने के लिए नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयों के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अन्तर्गत 6.66 लाख नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयांें को 20,168 करोड़ का ऋण दिया गया है।
प्रदेश सरकार मिशन रोजगार पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार तथा उद्योग के माध्यम से रोजगार के अवसर दिये जा रहे हैं। सहगल ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हित के लिए कार्य कर रही है। उन्हें उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले यह भी सुनिश्चित करा रही है। मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर निरन्तर धान खरीद की समीक्षा की जा रही है। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि किसानों के धान की खरीद समय से हो तथा उन्हें धान, मूंगफली व मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य अवश्य मिले। धान और मक्का की खरीद का भुगतान 72 घंटे के अन्दर सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि जिलाधिकारी की यह जिम्मेदारी है कि किसानों को किसी प्रकार की समस्या न होे तथा क्रय केन्द्र सुचारू रूप से कार्य करे। किसानों का हित सर्वोपरि है। सरकार किसानों के साथ है, किसानों को हर सम्भव सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की अधिकारियो/कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। धान क्रय केन्द्र पर शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी।
धान क्रय केन्द्रांे पर जिलाधिकारी द्वारा निरन्तर सत्यापन अनुश्रवण तथा आकस्मिक निरीक्षण करे। किसानों से निरन्तर धान की खरीद की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक किसानों से 348.64 लाख कु0 धान की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में लगभग 180 लाख मी0टन धान सरकार द्वारा खरीदा गया है, जिसकी लागत 31904 करोड़ रुपये है। इसी के साथ पिछले तीन वर्षों में लगभग 162 लाख मी0टन गेंहूँ भी किसानों से खरीदा गया है जिसकी लागत 29017 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये की फलस किसानों से खरीदी गई है। प्रदेश में अब तक किसानों से 475537.30 कु0 मक्का की खरीद की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मंूगफली की खरीद भी मूल्य समर्थन योजना के तहत की जा रही है। 03 वर्षाें में गन्ना किसानों को 1,12,000 करोड़ रूपये का रिकार्ड भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत लगभग 02 करोड़ 20 लाख की धनराशि किसानों को शीघ्र ही उनके खाते में उपलब्ध करायी जायेगी।
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