आम आदमी पार्टी में महिला विरोधी नेताओं और मंत्रियों की लंबी फेहरिस्त है: ऋचा पांडेय
Date posted: 20 December 2020

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा प्रवक्ता ऋचा पांडेय मिश्रा और दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष पूनम पराशर झा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को महिलाओ को लेकर राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं क्योंकि वह शुरुआत से ही एक महिला विरोधी संगठन के रूप में काम करती आई है। दिल्ली भाजपा प्रवक्ता ऋचा पांडेय मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को लेकर आम आदमी पार्टी के खोखले और दोहरे चरित्र से दिल्लीवासी भली-भांति अवगत हैं।
आम आदमी पार्टी में महिला नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है, उन्हें खानापूर्ति के लायक भी नहीं समझा जाता है, इसलिए आठ महिला विधायकों में से एक को भी केजरीवाल सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। इतना ही नहीं उदाहरण के लिए स्वंय आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक सरिता सिंह को ही ले लें, एक सर्वहारा, महिला उत्पीड़न के आरोपों से घिरे दुर्गेश पाठक को आम आदमी पार्टी ने नगर निगम का प्रभारी बनाया लेकिन पूर्व विधायक सरिता सिंह को प्रभारी पद के लायक भी नहीं समझा। संतोष कोली, सोनी मिश्रा और कई महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्भावनापूर्ण व्यव्हार से आम आदमी पार्टी का इतिहास भरा हुआ है।
दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष पूनम पराशर झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के 70 प्रतिशत से अधिक विधायक और नेता महिला उत्पीड़न के दुष्कर्म, मारपीट, परिवारिक हिंसा, हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे संगीन अपराधों में लिप्त है लेकिन पार्टी उनपर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें पद देकर सम्मानित करती हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल स्वंय पार्टी की महिला कार्यकर्ता को नेता के साथ समझौता करने को कहा ऐसे में आम आदमी पार्टी का कोई नैतिक अधिकार नहीं है कि महिला अधिकारों के नाम पर राजनीति रोटियां सेंकने का प्रयास करें और दुष्प्रचार फैलाएं। आम आदमी पार्टी की नेता सरिता सिंह ने भाजपा की छवि खराब करने के लिए महिला विरोधी संगठन बताया है, हम उसकी भर्त्सना करते हैं और उनके आरोपों का खंडन करते हैं।
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