यूपी में नई एमएसएमई इकाईयों से लगभग 26 लाख लोगों को मिला रोजगार
Date posted: 29 November 2020

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि कोविड-19 से बचाव हेतु सतर्कता बरतने की बहुत ही आवश्यकता है। शादी समारोह/सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें, हाथ धोते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग रखें तथा भीड़भाड़ से दूरी बनाये रखें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगातार कोरोना टेस्टिंग बढ़ाते हुए रिकार्ड टेस्टिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर पुनः बढ़ने से प्रदेश के दिल्ली से सटे हुए जनपदों में भी संक्रमण के बढ़ने की आशंका है जिसके लिए पूरी तैयारी एवं सावधानी बरती जाय। प्रदेश के हाॅट स्पाॅट एरिया में कुछ केस की बढ़ोत्तरी हुई है तथा कन्टेनमेंट जोन में शत-प्रतिशत घरों में सर्विलांस का काम चल रहा है।
श्री सहगल ने बताया कि आर्थिक गतिविधियां और अधिक तेजी से बढ़ें, इसके लिए प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है। रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए तथा आर्थिक गतिविधियां को और बढ़ाने के लिए सरकार के प्रोत्साहन से नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयां खुल रही है। पुरानी इकाइयों को कार्यशील पूंजी की समस्या से निजात दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय करके आत्मनिर्भर पैकेज में 4.37 लाख इकाईयों को रू0 11,061 करोड़ के ऋण बैंकों से समन्वय स्थापित कर स्वीेकृत कर वितरित किये जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने के लिए 6.48 लाख नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयांें को 19,472 करोड़ रूपये का ऋण दिया गया है। उन्होंने बताया कि नई एमएसएमई इकाईयों से लगभग 26 लाख लोगों को रोजगार मिला है। रोजगार के और अधिक अवसर पैदा हों विशेषकर छोटे और लघु उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित कर लोगों को नौकरी उपलब्ध करायी जा रही है।
श्री सहगल ने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर निरन्तर धान खरीद की समीक्षा की जा रही है। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि किसानों के धान की खरीद समय से हो तथा उन्हें धान व मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य अवश्य मिले। धान और मक्का की खरीद का भुगतान 72 घंटे के अन्दर सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि जिलाधिकारी की यह जिम्मेदारी है कि किसानों को किसी प्रकार की समस्या न होे तथा क्रय केन्द्र सुचारू रूप से कार्य करे। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की अधिकारियो/कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। धान क्रय केन्द्रों पर शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी। धान क्रय केन्द्रांे पर जिलाधिकारी निरन्तर अनुश्रवण तथा आकस्मिक निरीक्षण करेें। उन्होंने बताया कि धान खरीद में लापरवाही बरतने पर पीसीएफ के अधिकारियों को निलम्बित किया गया। किसानों से निरन्तर धान की खरीद की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक पिछले वर्ष से डेढ़ गुना अधिक धान की खरीद की गयी है। लगभग 4000 करोड़ रूपए का धान किसानों से क्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक किसानों से 2 लाख 41 हजार कु0 मक्का की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में गन्ना किसानों को 1 लाख 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति बढ़ाई गई है।
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