हिंदुओं के महापर्व दीवाली-छठ के खिलाफ कांग्रेस की घृणा हुई उजागर: राजीव रंजन
Date posted: 2 November 2020

पटना: राजस्थान कांग्रेस द्वारा दिवाली छठ पर होने वाली आतिशबाजी पर रोक लगाने संबंधी निर्णय को हिन्दू विरोधी कदम बताते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा “ कांग्रेस की हिन्दू विरोधी मानसिकता किसी से छिपी नहीं है. चाहे भगवान राम को काल्पनिक बताना हो या आधी रात में शंकराचार्य को गिरफ्तार करवाना, कांग्रेस ने हिन्दुओं को अपमानित करने का कभी भी कोई मौका नहीं छोड़ा है.
राममंदिर के खिलाफ कोर्ट में वकालत करने वाले कपिल सिब्बल भी इन्हीं के नेता हैं. इनके मन में हिन्दू समाज के प्रति इतनी घृणा है कि इन्होने अपने शासित राजस्थान में दिवाली और महापर्व छठ पर होने वाली आतिशबाजी को भी बैन कर दिया है, जबकि क्रिसमस और ईसाई नववर्ष पर होने वाली आतिशबाजी पर कोई रोक नहीं लगायी गयी है. यह दिखाता है कि हिन्दू विरोध में कांग्रेस इतनी अंधी हो चुकी है कि अब उनके राज में हिन्दु अपने पर्व-त्यौहार भी खुल कर नहीं मना सकते हैं.”
कांग्रेस पर ईसाई मिशनरियों के प्रोपगैंडा को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा “ कांग्रेस के पिछले 10 सालों के राज में हिन्दु पर्व-त्यौहारों के खिलाफ दुष्प्रचार करने का एक फैशन सा बन गया था. ईसाई मिशनरियों और कुछ विदेशी एजेंसियों द्वारा पोषित संस्थाओं द्वारा होली पर पानी की बर्बादी, दिवाली पर प्रदुषण, मकर सक्रांति पर मांझे से चिड़ियों को नुकसान पहुंचने जैसे नैरेटिव गढ़े जाते थे. लेकिन दुसरे धर्मों के त्यौहारों पर इनके मुंह सिले रहते थे. कांग्रेस राजस्थान में आज इसी नैरेटिव को धार देने में लगी हुई है.”
रंजन ने कहा “ यह कांग्रेस का हिन्दुओं के प्रति द्वेष का ही नमूना है कि अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण लाखों हिन्दुओं और सिखों की लाशों पर देश के दो टुकड़े करने वाले जिन्ना के चेले आज इनके टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस से हमारी मांग है कि राजस्थान में अपने दिए नादिरशाही फरमान को अविलंब वापस ले.”
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