गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति का अनावरण करके सरकार कर रही राजनीति

दादरी: आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में ऱखते हुये किसी भी समाज नही करना चाहती।इसलिए अभी कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अलीगढ़ में जाट समाज के राजा महेंद्र प्रताप के नाम से विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए  आधारशिला रखी थी। अब सरकार पश्चिम उत्तर प्रदेश में निर्णायक भूमिका निभाने वाले गुर्जर समाज की साधने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करने की घोषणा कर एक बड़ा दांव खेल दिया है।मुख्यमंत्री कल दादरी पहुच इसका अनावरण करेंगे।

इसी मुद्दे पर बात करते हुये पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुर्जर ने कहा कि कल मुख्यमंत्री गुर्जर सम्राट मिहिर भोज जी मूर्ति का अनावरण करेंगे लेकिन सबसे मज़ेदाबार यह है कि प्रदेश सरकार जिस मूर्ति का अनावरण करके राजनीति कर रही है वह तो  पहले से ही बन चुकी है या यू कहे कि  पूर्वस्थापित है।बीजेपी गुर्जर समाज के नेतागण इस प्रोग्राम का प्रचार प्रसार कर रहे हैं।लेकिन जिस गुर्जर समाज को सरकार आगामी चुनाव में अपने पक्ष में करना चाहती है।उसी समाज का नाम हटा कर वह राजपूत समुदाय को भी खुश करना चाहती है।बताते चले कि प्रदेश सरकार ने प्रतिमा के अनावरण के लिए तैयार प्रचार सामग्री से गुर्जर शब्द को हटा दिया है।इस पर गुर्जर समुदाय के लोग नाराज हो गए हैं और प्रतिमा के अनावरण के प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टर और बैनर को फाड़कर गुस्से का इजहार किया है।उनका कहना है कि सत्ता पक्ष की गलत नीतियों के कारण हमारे समाज के वंशज राजा मिहिर भोज के नाम के आगे से गुर्जर शब्द हटा दिया गया है, जो कुछ लोगों की तुच्छ मानसिकता के चलते ऐसा किया गया है।गुर्जर समुदाय इसे बर्दाश्त नहीं करेगा जो गुर्जर शब्द हटाया गया है, हम उसका विरोध पोस्टर और बैनर फाड़कर कर रहे हैं। इसके लिए यदि उन्हें जेल में भी जाना पड़ा तो तैयार हैं। लेकिन, समाज का अपमान नहीं होने देंगे।
अगर बात करे ३स क्षेत्र की तो यहा बहुत सारी सड़कों और पार्को का नाम महान गुर्जर सम्राट मिहिर भोज जी के नाम से बहुत पहले किये जा चुके हैं।फिर भी गुर्जर समाज का नाम हटाना बीजेपी की एक सोची समझी राजनीति है। महान गुर्जर सम्राट मिहिर भोज जी सनातन धर्म के रक्षक थे और उसी का फायदा बीजेपी लेना चाहती है।जाटों के बाद यह बात भी पूरी तरह सही नही है कि राजा महेंद्र सिंह ने अटल जी को चुनाव हरवाया था लेकिन बीजेपी उनके नाम पर यूनिवर्सटी बनाने की घोषणा करती है, प्रधानमंत्री जी वहाँ उद्घाटन करते हैं।जमीन का बहुत बड़ा हिसा वहाँ यूनिवर्सटी को दिया गया है लेकिन यहां साधने का तरीका अलग है। गुर्जर समाज की यह मूर्ति बनी बनायी है और बहुत पहले ही अनावरण हुआ है । हम मांग करते है कि 84 गुर्जर समाज के जिन 84 लोगों को 18 57 में फांसी दी गयी उनके नाम पर रोड व पार्क बनाये जायें। जो हजारों लोग उस क्रांति में गायब हो गये थे उन अज्ञात गुर्जर शहीदों के नाम पर पार्क व सड़कों के नाम रखे जायें।
यदि बीजेपी जाटों को उनके राजा के नाम और यूनिवसिर्टी बनाकर अपने साथ करना चाहती है तो क्रांतिकारी गुर्जर राजा राव उमराव के नाम पर जिले में यूनिवर्सिटी बनाये या गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के नाम से बनाये तब समझा जायेगा कि बीजेपी द्वारा गुर्जर समाज का सम्मान किया गया है। वैसे बीजेपी हमेशा से गुर्जर विरोधी पार्टी रही है, इस समाज के लोगों को हमेशा बीजेपी ने हासिये पर रखा। नकली  सिंह गुर्जर अवतार सिंह भडाना जैसे लोगों को सहारनपुर और गौतमबुद्ध नगर जैसे लोकसभा छेत्रो में गुर्जर समाज लोगो को टिकट नही देना और राजस्थान में 73 गुर्जर समाज के लोगो की गोलियों से हत्या करना नहीं दिखता लेकिन फिर भी समाज के कुछ लोग निजी स्वार्थों के लिये बीजेपी को महंडित कर रहे हैं जो हमारे संपूर्ण गुर्जर समाज को नुकसान पहुचा रहा है।

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