बिना तैयारी के विद्यालयों को खोलाना मतलब बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़: गुप्ता
Date posted: 29 August 2021

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार का एक सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के सभी विद्यालय और कोचिंग संस्थान को खोलने का फैसला लेना किस हद तक सही है, यह समय बताएगा, लेकिन फिलहाल जिस तरह से शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने अपनी प्रेसवार्ता में कोविड प्रोटोकॉल के पालन करवाने की जिम्मेदारी विद्यालयों के ऊपर थोपी है, उससे साफ है कि वह बच्चों के जीवन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की जिम्मेदारियों से छुटकारा पाना चाहते हैं और दिल्ली सरकार के पास अभी तक विद्यालयों के लिए कोविड गाइडलाइन्स की कोई रुप-रेखा नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिस सर्वे के आधार पर केजरीवाल सरकार ने विद्यालय खोलने का फैसला लिया है, उस सर्वे को भी लोगों के बीच सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि हर किसी को पता चल सके कि विद्यालय खोलने का फैसला लोगों के सहमति पर ही लिया गया है। गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने बच्चों को विद्यालय भेजने की जिम्मेदारी अभिभावकों पर छोड़ कर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोविड से निपटने की कार्य योजना, इच्छाशक्ति और मंशा केजरीवाल के पास ना ही पहले थी और ना ही आज है
आदेश गुप्ता ने कहा कि अब ऐसा लगता है कि दिल्ली की जनता के जीवन की तरह ही हमारे बच्चों का जीवन भी भगवान भरोसे हैं क्योंकि स्कूल खोलने का फरमान बिना तैयारी के जारी करना एक खोखले ऐलान से ज्यादा कुछ नहीं है। संवाददाता सम्मेलन के दौरान सवाल पूछे जाने पर मनीष सिसोदिया स्वयं अपनी तैयारियों को लेकर अस्पष्ट और असहज लगे।
Facebook Comments