कोरोना काल में वरदान बनी ऑक्सीजन एक्सप्रेस: राजीव रंजन

पटना:  भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए जिस प्रकार भारतीय रेलवे से लेकर भारतीय वायु सेना के विमानों तक की पूरी क्षमता का उपयोग किया है, वह अपने आप में एक मिसाल है. पीएम द्वारा किये गये आह्वान पर भारतीय रेलवे ने लोगों की सांसे बचाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत की जिसके तहत महज एक महीने में देश के 14 राज्यों में 977 से अधिक टैकरों में 16,023 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलओएम) पहुंचाया जा चुका है, जो अपने आप में एक कीर्तिमान है.
उन्होंने कहा कि गौरतलब हो कि भारतीय रेलवे ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत 24 अप्रैल को की थी जिसके तहत पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ महाराष्ट्र पहुंची थी. इस दौरान रेलवे ने एक दिन में 1142 मीट्रिक टन की ढुलाई करते हुए सर्वाधिक ऑक्सीजन ढुलाई का एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित कर दिया. रेलवे का यह प्रयास रहा है कि ऑक्सीजन का अनुरोध करने वाले राज्यों को कम से कम समय में अधिक से अधिक ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके, जिसमें वह पूरी तरह सफल रहे.

श्री रंजन ने कहा कि यह पहला मौका नहीं था जब भारतीय रेलवे ने कोविड -19 के खिलाफ चल रही इस जंग में अपना योगदान दिया हो बल्कि भारत की सामूहिक लड़ाई में उन्होंने हर बार अपनी अहम भूमिका को निभाया है. कोरोना की पहली लहर में लॉकडाउन के दौरान जहां आवश्यक सामान पहुंचाने से लेकर लाखों-लाख प्रवासियों को श्रमिक एक्सप्रेस के माध्यम से घर तक पहुंचाया, वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था के इंजनों को चालू रखने में भी अपना योगदान दिया. और अब जब कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश में प्राणवायु यानि ऑक्सीजन की किल्लत हुई तो एक बार फिर से भारतीय रेलवे ने देश के प्रति दायित्व को निभाते हुए अपनी उपयोगिता साबित की है. वास्तव में रेलवे की यह पहल कोरोना काल में वरदान साबित हुई है, जिसके रेलवे का हर कर्मचारी बधाई का पात्र है.

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