August 08, 2026 | 11:24:36

टी.पी.एस. कॉलेज में “राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस–2026” का आयोजन

07 Aug 2026
टी.पी.एस. कॉलेज में “राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस–2026” का आयोजन

पटना: टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा गुरुवार को “राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस–2026” का आयोजन भारतीय रसायन विज्ञान के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती के उपलक्ष्य में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एवं कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. शांडिल्य ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय को आधुनिक भारत में वैज्ञानिक चेतना, स्वदेशी उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का अग्रदूत बताया। उन्होंने कहा कि आचार्य राय का योगदान केवल प्रयोगशाला और रसायन विज्ञान के क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने वैज्ञानिक ज्ञान को राष्ट्र निर्माण और समाज की आवश्यकताओं से जोड़ने का कार्य किया। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि विज्ञान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसका उपयोग समाज और मानवता के कल्याण के लिए हो।

प्रो. शांडिल्य ने वर्तमान समय में ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और सतत विकास आज वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रमुख क्षेत्र हैं। फ्यूल सेल जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता और पर्यावरणीय दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आचार्य राय के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि नई पीढ़ी उनके वैज्ञानिक चिंतन, सामाजिक प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भर भारत की भावना को आगे बढ़ाए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संसाधन पुरुष, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रमन कुमार सिंह ने 'Chemistry Beyond the Test Tube: How AI is Redefining Chemical Science' विषय पर एक अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के माध्यम से रासायनिक विज्ञान में हो रहे अभूतपूर्व परिवर्तनों, आधुनिक अनुसंधान, औषधि खोज (Drug Discovery), आणविक मॉडलिंग, डेटा विश्लेषण तथा नवीन पदार्थों के विकास में एआई की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को रसायन विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय से भविष्य के अनुसंधान एवं नवाचार के नए आयामों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुशोवन पालाधी ने स्वागत संबोधन देते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया तथा राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस के आयोजन के उद्देश्य एवं आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के वैज्ञानिक योगदान पर प्रकाश डाला। महाविद्यालय की आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. रूपम ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि, जिज्ञासा और शोधपरक दृष्टिकोण विकसित करने में इस प्रकार के अकादमिक आयोजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. शशि प्रभा दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने मुख्य वक्ता, प्रधानाचार्य, आईक्यूएसी समन्वयक, विभागीय शिक्षकों तथा उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर रसायन विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ. उमेश कुमार एवं डॉ. सोनू प्रताप चौधरी सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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