November 08, 2026 | 21:36:49

अयोध्या में दीपोत्सव की रौनक! 36 लाख दीयों से जगमगाई रामनगरी, 2100 ड्रोन शो ने मोहा सबका मन

08 Nov 2026
अयोध्या में दीपोत्सव की रौनक! 36 लाख दीयों से जगमगाई रामनगरी, 2100 ड्रोन शो ने मोहा सबका मन

अयोध्या:  भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के अवसर पर भव्य नजारा देखने को मिला। दीपों की रोशनी से पूरी रामनगरी जगमगा उठी। सरयू नदी के घाटों पर लाखों मिट्टी के दीप जलाए गए और श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारों के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने। दीपोत्सव का यह दसवां संस्करण बेहद खास रहा।

36 लाख दीयों से रोशन हुई रामनगरी

दीपोत्सव के दसवें संस्करण में सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया था। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोजन में करीब 36 लाख दीये रोशन किए गए। वहीं, राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति सचिवालय की जानकारी के अनुसार पूरी अयोध्या में 70 लाख से अधिक दीप जलाने की परिकल्पना थी। इस भव्य आयोजन में हजारों स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री रहे मौजूद

दीपोत्सव कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की और सरयू तट पर आयोजित आरती में हिस्सा लिया।

2100 ड्रोन के शो ने आसमान में रच दिया इतिहास

दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 2100 स्वदेशी ड्रोन का शानदार शो रहा। आसमान में ड्रोन के जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंग, भगवान श्रीराम का अयोध्या आगमन और राम दरबार की मनमोहक आकृतियां प्रदर्शित की गईं। इसके साथ ही लेजर शो, 3D प्रोजेक्शन और संगीत के साथ आतिशबाजी ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया।

पुष्पक विमान से हुआ प्रभु श्रीराम का स्वागत

कार्यक्रम में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन की झांकी प्रस्तुत की गई। पुष्पक विमान के प्रतीकात्मक रूप में हेलीकॉप्टर से कलाकारों का आगमन कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

देश-विदेश के कलाकारों ने दिखाई सांस्कृतिक झलक

दीपोत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए कलाकारों ने रामायण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और लाओस सहित कई देशों की रामलीला टीमों ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। रामकथा के प्रसंगों को झांकियों और मंचीय कार्यक्रमों के जरिए जीवंत किया गया।

दीपोत्सव ने दुनिया को दिया आस्था और संस्कृति का संदेश

अयोध्या का दीपोत्सव अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और पर्यटन की वैश्विक पहचान बनता जा रहा है। इस आयोजन से स्थानीय कुम्हारों, कलाकारों, स्वयंसेवकों और व्यापारियों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। दसवें दीपोत्सव ने एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या की ओर खींचा है।

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