August 27, 2026 | 09:45:40
लखनऊ: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी पद पर नवचयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग में युवाओं को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचिता के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में विभाग के विभिन्न संवर्गों में चरणबद्ध तरीके से भर्तियां कर मानव संसाधन को निरंतर मजबूत किया गया है, जिससे विभागीय योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन और किसानों को आधुनिक तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित हुआ है।
कृषि मंत्री ने विगत वर्षों में हुई भर्तियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी संवर्ग के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में 1,817 पदों, वर्ष 2021-22 में 228 पदों तथा वर्तमान 2026 में 3,446 पदों पर पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके अलावा ग्रुप-सी के 2,759 और पदों पर नियुक्ति हेतु मुख्य परीक्षा संपन्न हो चुकी है तथा शेष 815 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को शीघ्र अधियाचन भेजा जा रहा है। इसी प्रकार वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए के तहत वर्ष 2021-22 में 456 सीधी नियुक्तियां की गईं, जबकि 148 पदों की मुख्य परीक्षा संपन्न हो चुकी है और पदोन्नति के 366 पदों पर भी कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कृषि सेवा संवर्ग के अधिकारियों के पदों पर लोक सेवा आयोग के माध्यम से वर्ष 2019-20 में 11, 2020-21 में 22, 2021-22 में 12 एवं 2022-23 में 4 पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 128 पदों की भर्ती परीक्षा भी संपन्न हो चुकी है।
श्री शाही ने बताया कि मार्च 2017 से अब तक कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अंतर्गत संचालित कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों (अयोध्या, कानपुर, मेरठ एवं बांदा) में शैक्षणिक संवर्ग के अंतर्गत प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के कुल 415 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। इसके साथ ही इन विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) में वरिष्ठ वैज्ञानिक, विषय वस्तु विशेषज्ञ, प्रोग्राम असिस्टेंट, लिपिक, ड्राइवर, विनियमितीकरण तथा मृतक आश्रित सहित कुल 1,138 गैर-शैक्षणिक पदों पर भी पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां संपन्न कराई गई हैं। इस प्रकार उच्च कृषि शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों को भी कुशल मानव संसाधन से सुदृढ़ किया गया है।
श्री शाही ने कहा कि विभाग में भर्ती और तैनाती प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाकर मानवीय हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। एनआईसी के ऑनलाइन पोर्टल से अभिलेख सत्यापन तथा मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए जनपदों के विकल्पों के आधार पर पूरी शुचिता के साथ पारदर्शी तैनाती दी गई है। वर्तमान भर्ती में 689 महिलाओं सहित अनुसूचित जाति के 509, अनुसूचित जनजाति के 151, अन्य पिछड़े वर्ग के 629 तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 344 अभ्यर्थियों का निष्पक्ष चयन हुआ है।
श्री शाही ने नवनियुक्त प्राविधिक सहायकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ प्रदेश के अन्नदाताओं से सीधे जुड़कर कार्य करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये दक्ष कार्मिक विभाग और किसानों के बीच सेतु बनकर फसल विविधीकरण, दलहन-तिलहन उत्पादन वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक तकनीकों को खेत तक पहुंचाएंगे, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में गति मिलेगी।
सम्पर्क सूत्र- डा0 मनोज चन्द्रा