September 11, 2026 | 16:13:55
लखनऊ: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनुभवात्मक और समस्या-समाधान आधारित उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने परिसर में ‘सेंटर फॉर केस स्टडीज’ स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसका उद्देश्य बाहरी या विदेशी सामग्री पर निर्भर रहने के बजाय विश्वविद्यालय स्तर पर ही अपनी मौलिक और स्वदेशी केस स्टडीज तैयार करना है। यह पहल केवल प्रबंधन या वाणिज्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विज्ञान, कला एवं मानविकी, सामाजिक विज्ञान, विधि, शिक्षा, इंजीनियरिंग, पत्रकारिता, ललित कला, स्वास्थ्य व पर्यावरण सहित सभी विषयों के वास्तविक परिदृश्यों, समस्याओं और नवाचारों को केस स्टडीज के रूप में विकसित किया जाएगा।
त्रि-स्तरीय प्रक्रिया में होगा कार्य शिक्षकों का प्रशिक्षणरू केस निर्माण से पहले शिक्षकों को केस राइटिंग, फील्ड रिसर्च, डेटा कलेक्शन और केस-आधारित शिक्षण पद्धति पर राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएं दी जाएंगी।
बहुविषयक केस निर्माणरू शिक्षक और शोधार्थी जमीनी चुनौतियों, स्थानीय उद्योगों, सामाजिक बदलावों, कानूनी विवादों और तकनीकी सफलताओं पर केस तैयार करेंगे।
रॉयल्टी मॉडल पर भुगतानरू गुणवत्तापूर्ण केस तैयार करने वाले शिक्षकों को उपयोग, प्रकाशन और वितरण के आधार पर रॉयल्टी/भुगतान दिया जाएगा।
कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने कहा कि उच्च शिक्षा की सार्थकता केवल किताबी सिद्धांत पढ़ाने तक सीमित नहीं हो सकती। विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों और व्यावहारिक समाधान में दक्ष बनाने की जरूरत है। यह केंद्र शिक्षकों के लिए अकादमिक मंच बनेगा और विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक व निर्णय क्षमता को मजबूत करेगा। लखनऊ विश्वविद्यालय ज्ञान निर्माण के आत्मनिर्भर थिंक-टैंक के रूप में स्थापित होगा।