August 10, 2026 | 10:46:57
पटना: टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित 40 घंटे के ‘योगिक साइंस’ प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 23 जुलाई से 01 अगस्त 2026 तक चले इस पाठ्यक्रम में 30 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
समापन समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य ने की। समारोह में मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. रूपम, प्रो. विजय कुमार सिन्हा, प्रो. शशि भूषण चौधरी सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और चेतना के संतुलन का प्रभावी माध्यम है। वर्तमान समय में तनाव, चिंता और मानसिक दबाव जैसी चुनौतियों के बीच योग का नियमित अभ्यास विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने और उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. रूपम ने कहा कि पाठ्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को योग के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पक्षों से परिचित कराया गया। मनोविज्ञान और योग का समन्वय मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-जागरूकता, एकाग्रता एवं तनाव प्रबंधन की बेहतर समझ विकसित करने में सहायक है।
पाठ्यक्रम में बिहार योग विद्यालय, मुंगेर से जुड़े विशेषज्ञ जय प्रकाश चौधरी एवं रेणु कुमारी ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों को योग की विभिन्न तकनीकों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए पाठ्यक्रम को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास एवं मानसिक संतुलन की दिशा में उपयोगी पहल बताया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तरन्नुम नसीम ने किया।
मीडिया प्रभारी डॉ. मुकुंद कुमार ने इसकी जानकारी दी।