August 08, 2026 | 11:22:12
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 15 अगस्त 2026 तक 15,613 आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने जा रही है, जिससे बुनियादी शिक्षा और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के एकीकरण को नई गति मिलेगी। ये ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जो परिषदीय विद्यालयों से 200 मीटर की परिधि में स्थित होने के बावजूद वर्तमान में गैर-विभागीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। मिशन मोड में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत बच्चों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में सुरक्षित एवं निर्धारित कक्षा-कक्षों, शुद्ध पेयजल, शौचालय, खेल के स्थान, बिजली तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का सबसे महत्वपूर्ण आधार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा है। आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने से छोटे बच्चों को बचपन से ही गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण, गतिविधि आधारित अधिगम और विद्यालय की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे बाल वाटिका से कक्षा-1 तक सीखने की प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में औपचारिक प्रवेश से पहले सीखने के लिए पूरी तरह तैयार करना सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
प्रदेश में कुल 1,89,208 आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिनमें से 1,64,480 केंद्र पहले ही परिषदीय विद्यालय परिसरों से एकीकृत किए जा चुके हैं। इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर द्वारा संयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के अनुसार स्थानांतरण केवल उन्हीं विद्यालयों में किया जाएगा, जहां बच्चों हेतु सुरक्षित कक्षा-कक्ष, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही विद्यालयी वातावरण उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है। इससे बाल वाटिका से कक्षा-1 तक सीखने की निरंतरता मजबूत होगी और स्कूल रेडीनेस को नई मजबूती मिलेगी।
इस अभियान को सभी जिलों में मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संयुक्त रूप से अभियान की निगरानी करेंगे। स्थानांतरण की कार्यवाही पूर्ण होने के पश्चात निर्धारित प्रारूप पर दोनों अधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर से रिपोर्ट बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय तथा महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कार्यालय को भेजी जाएगी। सभी जिलों को 15 अगस्त 2026 तक चिह्नित आंगनबाड़ी केंद्रों का स्थानांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।