August 18, 2026 | 17:25:17
लखनऊ: प्रदेश की योगी सरकार ने आलू उत्पादक किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आज उद्यान भवन, सप्रू मार्ग, लखनऊ में इन योजनाओं के सफल एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए नव विकसित ऑनलाइन पोर्टल https://potato.uphorticulture.
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा, ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पात्र किसानों को अनुदान की धनराशि आधार-सीडेड डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। क्रियान्वयन अवधि 01 जनवरी से 15 अप्रैल तथा 01 जुलाई से 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है। लाभ के लिए क्रेता-विक्रेता सौदा प्रपत्र अनिवार्य होगा और किसान मंडी, उपमंडी, शीतगृह परिसर अथवा अपने प्रक्षेत्र पर बिक्री कर लाभ ले सकेंगे।
योगी सरकार ने निजी शीतगृहों में भंडारित किसानों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में 2363 निजी शीतगृहों में 173.03 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है। भंडारण प्रभार में छूट के लिए 1000 करोड़ रुपये की योजना लागू की गई है, जिसमें 100 करोड़ टोकन धनराशि प्रावधानित है। इसके तहत 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जाएगा, प्रति किसान अधिकतम 20,000 रुपये तक। इस योजना से 15 लाख से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
किसानों को नवीन एवं उच्च गुणवत्ता वाली प्रजातियों के आलू बीज उपलब्ध कराने के लिए 5 करोड़ रुपये की बीज विक्रय दर में छूट योजना लागू की गई है। इसके तहत विभागीय आधारीय आलू बीज के क्रय पर अधिकतम 1000 रुपये प्रति क्विंटल की छूट दी जाएगी, जिससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन लागत में कमी आएगी। इससे 15 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
मंत्री सिंह ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय, हित और सम्मान को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। तीनों योजनाओं का क्रियान्वयन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी और सुगम होगा, जिससे आलू किसानों को बाजार भाव में गिरावट, भंडारण लागत और गुणवत्तापूर्ण बीज की लागत-तीनों स्तरों पर सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।