September 17, 2026 | 15:20:48
लखनऊः उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन निगम में अब सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण की अनिवार्यता के साथ सीधे अनुबंध के आधार पर रखा जायेगा। प्रथम चरण में सीधे अनुबंध के आधार पर आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत परिचालकों को ही रखा जायेगा।
परिवहन मंत्री ने बताया कि ऐसे परिचालक जो कदाचार/भ्रष्टाचार एवं अन्य किसी भी कारण से एजेन्सी को वापस न किये गये हों, तथा वर्तमान में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत हों, ऐसे परिचालकों को परिवहन निगम सीधे नवीन प्रतिभूति राशि (सिक्योरिटी मनी) जमा करना होगा। सीधे अनुबंध के लिए आउटसोर्स से कार्यरत परिचालकों को निगम में की गयी सेवाओं का कोई लाभ नहीं दिया गया। सीधे अनुबंध पर रखे जाने वाले परिचालकों को निगम में प्रचलित अन्य सभी सेवाएं अनुमन्य होंगी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि ऐसे सेवा प्रदाता जिनकी अनुबंध अवधि 31 अक्टूबर, 2026 को पूर्ण हो रही है उनके द्वारा रखे गये आउटसोर्स परिचालकों से 01 नवम्बर, 2026 से एवं 31 जनवरी, 2027 को अवधि पूर्ण होने वाले परिचालकों से 01 फरवरी, 2027 से संविदा परिचालक के रूप में संचालन का कार्य लिया जायेगा।
प्रबन्ध निदेशक परिवहन निगम श्री प्रभु एन0 सिंह ने बताया कि मा0 परिवहन मंत्री के प्रयासों से परिवहन निगम में आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मचारियों को सीधे परिवहन निगम से अनुबंध के आधार पर रखे जाने का मार्ग प्रशस्त हो पाया है। इस सम्बन्ध में समस्त क्षेत्रीय प्रबंधकों को सभी आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि समायोजित होने वाले आउटसोर्स परिचालकों के समस्त देयकों जैसे वेतन, ईपीएफ, ईएसआई एवं जीएसटी आदि का सम्पूर्ण भुगतान निर्धारित समय सीमा के अन्दर करा लिया जाये। उनकी प्रतिभूति राशि वापस करने के उपरान्त एनओसी ली जाये। साथ ही उक्त दोनों कार्यवाहियों के पश्चात अदेयता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाये। इसके पश्चात् सक्षम स्तर से सेवा प्रदाता की जमा परफामेंन्स सिक्योरिटी/बैंक गारंटी/एफडीआर वापस किये जाने की कार्यवाही की जायेगी। समायोजित किये जाने वाले आउटसोर्स परिचालकों को शपथ पत्र भी देना होगा कि आउटसोर्स अवधि के वैधानिक देयकों के सम्बन्ध में कोई देयता शेष नहीं है।