November 06, 2026 | 23:43:30
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन मदों में भुगतान लंबित है, उनका नियमानुसार तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध बजट का समय से उपयोग किया जाए और किसी भी परिस्थिति में सरकारी धनराशि लैप्स नहीं होनी चाहिए। साथ ही विकास कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री ने राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के अधिकारियों को प्रदेश स्तर और जिला स्तर पर मिलाकर प्रतिमाह कम से कम एक लाख प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण का समयबद्ध कैलेंडर जारी करने, सभी प्रशिक्षणार्थियों की बायोमेट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने को कहा।
उन्होंने नवस्वीकृत प्रशिक्षण केंद्रों के भवनों का निर्माण समय से पूरा कराने के निर्देश भी दिए। किसी प्रकार की समस्या आने पर संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से समाधान निकालने को कहा।
खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने गांवों में विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और किसानों के उत्पादों को बर्बाद होने से बचाना जरूरी है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने संबंधी एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर खाद्य प्रसंस्करण विभाग और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को आपसी समन्वय से महिलाओं का प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने को कहा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने गांवों में महिलाओं और युवाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर छोटी-छोटी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित कराने और उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और खाद्य प्रसंस्करण विभाग को एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जिन इकाइयों की सब्सिडी देय है, उनकी औपचारिकताएं पूरी कराकर नियमानुसार सब्सिडी जारी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सब्सिडी वितरण में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।